म्हारे सिर पर है श्याम धनि रो हाँथ

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हारे सिर पर है श्याम धनि रो हाँथ

कोई तो म्हारो काई करसी

जै कोई म्हारे श्याम धनि नै साँचे मन से ध्यावे

काल कपाल भी साँवरिये के भगतां से घबरावे

जै कोई पकड़्यो है बाबा जी रो हाँथ

बीको तो कोई काई करसी

म्हारे सिर पर है श्याम धनि रो हाँथ

कोई तो म्हारो काई करसी

जो आंपे बिस्वास करे वो खूंटी तान के सोवे

बठे प्रवेश करे ना कोई बाल ना बांको होवे

जाके मन में नहीं है विस्वास,बांको तो बाबो काई करसी

म्हारे सिर पर है श्याम धनि रो हाँथ

कोई तो म्हारो काई करसी

कलयुग को यो देव बड़ो, दुनिया में नाम कमायो

जद जद भीड़ पड़ी भगतां पर, दौड्यो दौड्यो आयो

यो तो घट घट की जाने सारी बात

कोई तो म्हारो काई करसी

म्हारे सिर पर है श्याम धनि रो हाँथ

खाटू वाले रो साथ

कोई तो म्हारो काई करसी

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।