छुप छुप के देखे भाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

तूने जोड़ी पाई पाई अब करले थोड़ी समाई,

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

तू जोड़ तोड़ में हो रो,

कदे न मन में विचारियो,

जो तिरलोकी को प्यारो दुनिया को करदो निधारो,

अब आफ़त गले में आई मच रही है घर में लड़ाई,

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

प्यारे श्याम सुमर मन गेला यो बाबो देवे हेला,

यो चार दिनों का मेला तुझे रहना यहाँ अकेला,

तप करके मीरा भाई तुलसी ने लग्न लगाई,

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

थी भोली जाट की बेटी या थारे भरोसे बैठी,

श्याम भरोसे खेती हॉवे चन्ना बाजरा मेथी,

कर नाम कमाई गई हिरदये में ज्योत जलाई,

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

यह जोर चले न तेरा श्याम ने सबको गेरा,

तन प्रेम रत्न धन हीरा,

ये सेठ सांवरिया मेरा,

सज्जन ने चुनरी रंगाई विनोद ने ओड सजाई,

छुप छुप के देखे भाई जो बाबो तेरी कमाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।