मेरी पहचान सँवारे तेरे नाम से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा नाम गाऊ तो ये एहसास होता है,

तू साथ चल रहा विश्वाश होता है,

रहे हो धुंदली नजर कुछ न आये,

एक तेरा नाम सारे अँधेरे मिटाये,

मेरी पहचान सँवारे तेरे नाम से,

जीता हर इक दाव रे तेरे नाम से,

मीरा और नरसी ने भी यही नाम गया है,

इसी ढाई अक्षर ने हर काम बनाया है,

विष को बनाया अमृत का प्याला,

लाज पर बनी तो श्याम ने सम्बला

मेरी पहचान सँवारे तेरे नाम से,

जीता हर इक दाव रे तेरे नाम से,

पूछे मुझे चाहतो ने दर से क्या कमाया है,

गर्व से कहता हु तेरे नाम को पाया है,

शाम प्रेमी कहलाओ काम है क्या शोरत,

कितन कुछ मिला इस नाम की बदौलत,

मेरी पहचान सँवारे तेरे नाम से,

जीता हर इक दाव रे तेरे नाम से,

इतना सा तजुर्बा ये श्याम हमारा है,

तुम से बड़ा प्रभु नाम तुम्हरा है,

सोनू के जीवन का ऐसा अंजाम हो जिस पल रुके ये सांसे लब पे तेरा नाम हो,

मेरी पहचान सँवारे तेरे नाम से,

जीता हर इक दाव रे तेरे नाम से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।