मेरी पूजा कर स्वीकार

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

मुझे दर्शन दे इस वार मैं तेरे दर पे दौड़ी आई,

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

मैं तेरी बिटियां तू मेरी माई तीन लोक में तेरी दुहाई,

मैया तू रचले हाथ तेरे ले मेहँदी ले आई,

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

अगर कपूर की बाती लाइ द्वारे तेरे ज्योत जलाई,

मैया तू लगा ले भोग तेरे लिए हलवा ले आई,

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

कुण्डल कंगना कजरा लाइ चूड़ी नगीना गजरा लाइ,

मैया तू भुजा ले प्यास हो नीर मैं प्रीत का ले आई,

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

बिंदियां झांजर झुमका लाइ मैं हु तेरी नहीं पराई,

मैया तू चबाले पान तेरे लिए पेड़ा ले आई,

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।