जब जब मैं तुमको याद करू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब मैं तुमको याद करू,

तुम दौड़े दौड़े आते हो,

ये कौन सा रिश्ता ये कौन सा नाता,

ये कौन सा रिश्ता सांवरिया जिसे हर पल आप निभाते हो,

कभी बेटा बन कर आते हो कभी मेरे पिता बन जाते हो,

कभी माँ बन कर मेरे श्याम धनि गोदी में लाड लड़ाते हो,

कभी बेटी बन कर सांवरिया मेरा जग में मान बढ़ाते हो,

कितना अनजान हु मैं बाबा तेरी महिमा जान ना पाता हु,

हर रूप में मेरे साथ है तू तुझको पहचान ना पाता हु,

हर सुख में मेरे सांवरिया मेरे सिर पे हाथ फिराते हो,

मेरा जीवन श्याम सवार दियां,

हर दुःख से मुझे उबार दियां,

कैसे मैं करू तेरा शुकराना हस्ता खिलता परिवार दिया,

कुक्की की भगिया में बाबा तुम ही तो फूल खिलाते हो,

ये कौन सा रिश्ता सांवरिया जिसे हर पल आप निभाते हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।