चढ़ गई रे श्याम नाम की मस्ती

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

श्याम नाम की मस्ती चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती.

राधा नाम की मस्ती चढ़ गई राधा नाम की मस्ती,

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

मीरा पी गई विश का प्याला नरसी पी कर हुआ मतवाला,

नाम रस पी कर रे भूली अपनी हस्ती,

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

नाम देव जप नाम पल पल घर बैठे ही पाया विठल,

तर गई तर गई रे भव सागर से कश्ती,

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

नंदा धन्ना सदन कसाई शबरी कुब्जा कर्मा बाई,

सुन लो सुन लो रे मस्ती नहीं है सस्ती,

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

पागल हो गया पीते पीते चित्र विचित्र न मस्ती रीते,

वस् गई गई रे तू शरण में वस्ति,

चढ़ गई रे चढ़ गई रे चढ़ गई श्याम नाम की मस्ती,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।