सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन,

लागि उनसे नजरियां हमारे मोहन,

वृद्धावन की गउये चरावे,

जिसका नाम है कन्हैया हमारे मोहन,

सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन,

बांकी चितवन नैना नशीले,

तुम्हारी प्यारी सी दुल्हनियां हमारे मोहन,

सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन ,

कृष्ण कन्हियाँ से राधा कहता है,

मैं यमुना की गुजरियाँ हमारे मोहन,

सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन

कहत कबीर सुनो बाई साधो,

सब की एक ही डगरियाँ हमारे मोहन,

सुन्दर बाँके सांवरिया हमारे मोहन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।