खेलत श्याम मातु सुख पावत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खेलत श्याम मातु सुख पावत

खेलत श्याम मातु सुख पावत,

तनु पीत झगुलिया कमर करधनी,

मुनि मन मोहत हियँ हर्षावत,

खेलत श्याम मातु सुख पावत-----

तुतलात कछु बोलत मधुरी,

गिरत परत उठि किलकत धावत,

खेलत श्याम मातु सुख पावत--------

बीच अधर दुई दंतुल सोहत,

लुढ़कत ठुमकत नूपुर बजावत,

खेलत श्याम मातु सुख पावत-------

मातु हरषि सिसु लेत बलैया,

गोंद उठाई उर कंठ लगावत,

खेलत श्याम मातु सुख पावत ------

जो सुख सुर मुनि सपनेहुँ दुर्लभ,

सोई सुख मैया यशोमति पावत,

खेलत श्याम मातु सुख पावत-----।।

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।