तेरी दादी पहरेदार श्री रानी सती दादी भजन

सौरभ मधुकर
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

करे तेरे घर की रखवाली होक सिंह सवार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

घर का ताला चाभी म्हारी दादी जी नै संभला दे

घर में पूरा ठाठ लगा दे,भर देवै भण्डार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

दादी जी तेरे घर की मालकिन,यो परिवार है दादी का

साड़ी चिंता दादीजी की,या है जिम्मेवार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

दादी जी कै भगतां का कभी बाल न बांका होवै रे

झुंझनू बैठी बैठी तेरी राखे पूरी संभाल

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

दादीजी नै कस के पकड़ ले,ताला खुल जाए किस्मत का

बनवारी जद लाल चुनड़ी लहराए इक बार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

करे तेरे घर की रखवाली होक सिंह सवार

खूंटी तान कर के सोजा,तेरी दादी पहरेदार

संपर्क - +919831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।