हे जगतपिता जग रखवाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे जगतपिता जग रखवाले हम को भी पार लगा देना,

तुम सोमये सुधा रस बरसा कर जीवन में प्यार जगा देना,

तूने संसार रच्या है कही धुप कही पर छाया है,

तेरी अजब निराली माया है जीवन का सार जगा देना,

हे जगतपिता जग रखवाले....

मधूलोब मोह और प्रेस हरो जग जग के विघन कलेश हरो,

नारायण से नर भेश धरो सोया संसार जगा देना,

हे जगतपिता जग रखवाले

सगरे जग में उजियारा हो बहती अमृत की धरा हो,

बस थोड़ी दूर किनारा हो आकर पतवार लगा देना,

हे जगतपिता जग रखवाले

इंसा इंसा में प्रीत रहे ओ देश धर्म की जीत रहे,

बस कभी ये जन यी रीत रहे सुना अन्धकार भगा देना,

हे जगतपिता जग रखवाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।