सुनो जी वैष्णो माई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सुनो जी वैष्णो माई बूहे मंदिरा दे खोलो,

करो जी मेरी सुनवाई बूहे मंदिरा दे खोलो,

बनके सवाली मैया दर तेरे आया,

दुखियाँ हां मैं गम दा सताया,

इको ही आस लगाई बूहे मंदिरा दे खोलो,

सुनो जी वैष्णो माई बूहे...

दर तेरे मैया भगता दा मेला,

दातिए हूँ तारण दा वेला,

संगत दर तेरे आई बूहे मंदिरा दे खोलो,

सुनो जी वैष्णो माई बूहे...

रंगरंगीले तेरे पर्वत सुहाने,

बंसी जय गई आये दीवाने,

निर्बल होया शुदाई,

बूहे मंदिरा दे खोलो,

सुनो जी वैष्णो माई बूहे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।