चलो हाज़िरी लगाने दरबार

पारंपरिक
अन्य आरती साईं भजन aarti
॥ पावन पाठ ॥

चलो हाज़िरी लगाने दरबार,

साई की सब बोले गे जय जय कार,

चरणों को चूमे गे सिर जो झुका के,

जैकारा लगाये गे हाथ उठा के,

फूल वरसाएगे उनके दवार,

साई की सब बोले गे जय जय कार,

मंगला आरती अमृत वेला शिरडी वहां लगता है मेला,

भगतो से मिले गा वहां प्यार साई की सब बोले गे जय जय कार,

साई के दर पे रोज दिवाली,

ले ले परशाद वहां जाते सवाली,

तू भी झोली फैलाले एक बार,

साई की सब बोले गे जय जय कार,

साई दया से मैं दर पे आता,

नगर अपनी हज़ारी लगाता.

साई भगतो को मेरा नमस्कार,

साई की सब बोले गे जय जय कार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।