हम श्याम दीवाने हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम श्याम दीवाने हैं यह शान से कहते हैं,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं ,

मिल जाए कोई प्रेमी ना हेलो ना हाय,

बाबा का नाम लेकर,

बाबा का नाम लेकर जय श्याम जी कहते हैं,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं ,

जब संग सांवरा है किस बात की चिंता है,

खुशियां और गम सारे,

खुशियां और गम सारे हंसते हुए सहते हैं ,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं ,

कोई पूछे पता हमसे क्या ठोर ठिकाना है ,

हम अपने सांवरे के ,

हम अपने सांवरे के चरणों में ही रहते हैं ,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं ,

मेरी जीवन नैया का है श्याम खिवैया तू ,

जब डूबे सब दुनिया ,

जब डूबे सब दुनिया हम शान से बहते हैं,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं,

क्या लेना है दुनिया से सब शोर शराबा है ,

" मीतू " के भजनों में,

" मीतू " के भजनों में हम खोए रहते हैं,

दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं,

भजन के लेखक एवं गायक : अमित कालरा " मीतू "

( गुरूग्राम - हरियाणा)

आप सभी को .. !! जय श्री श्याम जी !!

भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल ( जीन्द वाले )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।