हे धरती माता तुझको नमन

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे धरती माता तुझको नमन यहाँ शिव शंकर के मंदिर है,

जितना धन तेरे ऊपर है कई लाख तेरे गुना अंदर है,

कही अन उत्पन कर के तूने हर जीव जगत में प्राण बरे,

कही काजू मेवे उगते है तू कही सोने की खान भरे,

कही जल की नदियां बहती है यहाँ रुकना वही समन्दर है,

हे धरती माता तुझको नमन यहाँ शिव शंकर के मंदिर है,

हर कोई तेरी आस करे तू जननी है के विधाता है,

कभी आज तक ये भोला नहीं तू मेरा ही दिया खाता है,

तेरी मौज को जाने शिव शंभु जो सत्यम शिवम् सुंदरम है,

हे धरती माता तुझको नमन यहाँ शिव शंकर के मंदिर है,

तू मिटी है के सोना है मुझे बीज भरम का बोना है,

मेरे आनंद की तू राशि है मेरा जीवन एक खिलौना है,

गुरु चेतन शर्मा प्रभु मेरे तेरी शरण पड़ा ये ईशवर है,

हे धरती माता तुझको नमन यहाँ शिव शंकर के मंदिर है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।