माँ की ममता मैया से मांगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – मेरे यार बदल ना जाना

माँ की ममता मैया से मांगे,

मुझे पुत्र मिले,श्रवण की तरह,

और भाभी मांगे देवर, लक्ष्मण की तरह,

गुरु बिन ज्ञान कहाँ से लाऊँ,

गुरु से बड़ा ना कोई,

जो गुरु का सम्मान करे,

वो सच्चा चेला हो,

गुरुवर मांगे मुझे शिष्य मिले,

मुझे शिष्य मिले एकलव्य की तरह,

और भाभी मांगे देवर लक्ष्मण की तरह,

द्रोपती की पुकार सुनकर,

वो नंगे पैरो आए थे,

अपनी बहन की खातिर वो तो,

जरा नहीं रुक पाए थे,

हर बहन कहे मुझे भाई मिले,

मुझे भाई मिले कृष्णा की तरह,

और भाभी मांगे देवर लक्ष्मण की तरह,

राम नाम की निशदिन देखो,

जपता रहे वो माला,

अपने प्रभु की भक्ति में वो,

सदा रहे मतवाला,

रघुराम कहे हमें भक्त मिले,

हमें भक्त मिले हनुमत की तरह,

और भाभी मांगे देवर लक्ष्मण की तरह.

माँ की ममता मैया से मांगे,

मुझे पुत्र मिले शरवण की तरह,

और भाभी मांगे देवर लक्ष्मण की तरह,

Ankit Bhardwaj Musical Group.

गायक & म्यूजिशियन

(Delhi)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।