तुम मिले जी गए देखते देखते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़ख़्म भी खाया कह नहीं पाया,

साहस तक भी मैं कर ना पाया,

आज हुआ काया समज न आया,

देख मुझे तू जब मुस्काया,

दिल के जज्बात काबू में थे सँवारे ये मचल भी गए देख ते देखते,

रोका अश्को को मैंने बड़ा सँवारे ये निकल ही गये देख ते देख ते,

वो क्या जीना था हम तो मरे ही से थे,

तुम मिले जी गये देखते देखते,

तू सच मच है पालनहारा,

दीं जानो का तू रखवारा,

जब से बना तू श्याम सहारा चमका मेरा भाग्ये सितारा,

गर्दिशो से भरे कैसे दिन थे मेरे खुश नुमा बन गये देखते देखते,

फूटी आँखों से जिन्हे हम सुहाते न थे,

दोस्त वो बन गये देखते देखते,

रोका अश्को को मैंने बड़ा सँवारे ये निकल ही गये देख ते देख ते,

कदम कदम तू जन्म जन्म तू कागज़ कोरा हु मैं कलम तू,

लेहरी भजन तू महका चमन तू,

हे मन मोहन मन भावन तू,

मुझको संगीत का साह आता न था साधना बन गये देख ते देख ते,

पूछता भी ज़माने में कोई ना था प्राथना बन गये देख ते देख ते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।