मेहंदीपुर वाले बाला जी मने लिया सहारा तेरा से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तीन लोक चौदह भवनों में होया उजाला तेरा से,

मेहंदीपुर वाले बाला जी मने लिया सहारा तेरा से,

ओ घाटे वाले बाला जी मैंने लिया तेरा सहारा से,

राम चन्दर के तूने ही तो बिगड़े काम बनाये थे,

लगी लखन को शक्ति जब संजीवन भुटटी लाये ये,

अगर नहीं भुटटी आती हो जाता घोर अँधेरा से,

मेहंदीपुर वाले बाला जी मने लिया सहारा तेरा से

सो योजन सागर लांगा सीता का पता लगाया था,

श्री राम लक्षण लाला यही रावण उठा के लाया था,

ओ मारा पातळ में जाकर कर दिया निपटेरा से,

मेहंदीपुर वाले बाला जी मने लिया सहारा तेरा से

तुझे संकट मोचन कहते भक्तो के कष्ट मिटाते हो,

नाम आप का रट ता जो उसकी लाज बचाते हो,

दास तेरा हारे राम वेस्ले ज्ञान का किया बसेरा रे,

मेहंदीपुर वाले बाला जी मने लिया सहारा तेरा से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।