पल्ला पल्ला भरदे पल्ला

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पल्ला पल्ला भरदे पल्ला भरदे मेरा खली पल्ला,

सुनले अर्ज पुकारा तनु वाजा मारा,

भरदे पल्ला भरदे,

पल्ला पल्ला भरदे पल्ला भरदे मेरा खली पल्ला,

हाल फकीरा तन ते लेकर की लिखियाँ साई तकदीरा,

लोकि कहन्दे मैनु चला भरदे मेरा खाली पल्ला,

सुनले अर्ज पुकारा मैं तनु अवाजा मारा,

भरदे पल्ला भरदे

भरके पल्ला उड़ गे लखा फेर लिया क्यों मेतो अखा,

रह गया मैं भी इकला इकला भर दे मेरा खाली पल्ला,

सुनले अर्ज पुकारा मैं तनु अवाजा मारा,

भरदे पल्ला भरदे

जी आखे गा फुल ज़माना मैं साई मजबूर निमाणा,

तेरे दर तो खाली चला भरदे मेरा खाली पल्ला,

सुनले अर्ज पुकारा मैं तनु अवाजा मारा,

भरदे पल्ला भरदे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।