तुम्हें प्रीत मेरी निभानी पड़ेगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हें प्रीत मेरी निभानी पड़ेगी,

मुझे श्याम अपना बनाकर तो देखो,

बिछा दूंगा पलकें राहों में तेरी,

कभी मेरी कुटिया में आकर तो देखो ,

ये दहलीज घर की तुम्हें ही पुकारे ,

आजा कन्हैया गरीबों के द्वारे ,

भला हूँ बुरा हूँ मैं जैसा हूँ तेरा ,

मेरी गलतियों को छुपाकर तो देखो ,

मैं नरसी नहीं हूँ नहीं हूँ सुदामा ,

मगर श्याम तुमको पड़ेगा निभाना,

तुम्हारे चरण में पड़ा हूँ मैं दात्ता ,

जरा अपनी नजरें झुका कर तो देखो,

ये किस बात की तुम सजा दे रहे हो ,

खाटू में बैठे मजा ले रहे हो ,

नहीं भूल पाओगे हमें श्याम सुंदर,

नहीं जो यकीं तो भुला कर तो देखो ,

मेरा जिस्मों - जां अब अमानत है तेरी ,

मैं तेरा रहूँगा जमानत है मेरी ,

अगर जान मांगो तो अभी जान दे दूँ,

कभी " नरसी " को आजमा कर तो देखो ,

सभी श्याम प्रेमियों को .. लेखक एवं गायक :

नरेश " नरसी " (फतेहाबाद) की ओर से ..

!! जय श्री श्याम जी !!

भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।