कन्हैया तेरो कारो रे कैसे ब्याहु राधै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैया तेरो कारो री केसे ब्याहु राधै,

तेरो कन्हैया ऐसो कारो ,जैसे निश अंधियारी,

मेरी राधा ऐसी गोरी नवलख तारा बिच चन्द्र को उजारो री,

कारें आप कारे सघं वारे ,ओढ़े कम्बल कारो,

लूट लूट दधि माखन खावें, कैसे कर होगो मेरी राधै को गुजारो री,

कारो कारो मत कर गुजरी, कारो जग उजियारो,

नाग नाथ रेती बिच डारो, मारी फूफकार बदन भयो कारो री,

चन्द्रसखी ब्रज बाल क्रष्ण छबी, सब सखीयन को प्यारो,

या कारे काना के उपर, तेरी सी राधा गोरी लाखन उवारो री,

कैसे ब्याहु राधै .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।