मैया की महफ़िल को मैया सजाती है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया की महफ़िल को मैया सजाती है,

किस्मत वालो के घर में मैया आती है,

गहरा हो नाता मैया का जिनसे,

मिलने को मैया आती है उनसे ,

उनकी यह साथी बन जाती है ..

किरपा बरसती है जिस पे इसकी ,

तकदीर लिखती हाथों से उसकी ,

गम का अँधेरा छट जाता है

भजन सुनते जो इसको प्यारे,

उनके तो परिवार के वारे न्यारे,

मंदिर सा घर बन जाता है

कुछ भी असंभव होता नहीं है,

महफ़िल में इनकी होता यही है,

" आनंद " सब यहाँ मिल जाता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।