तेरा डमरू नचोंदा सारे जग नु जग नु

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

संशाना दिया बस्मा मल के सारा जिस्म सवाह करके,

तू ले तुरदा भुता दे नाल वग नु वग नु,

तेरा डमरू नचोंदा सारे जग नु जग नु,

गाउँदे फिरदे हसदे फिरदे मस्ती दे विच नच्दे फिरदे,

किवे चढ़ौना इस रंग नु रंग नु,

तेरा डमरू नचोंदा सारे जग नु जग नु,

विच कैलाश दे डेरे लाये नाग चंद शृंगार सजाये,

करदा पसंद भंग नु भंग नु,

तेरा डमरू नचोंदा सारे जग नु जग नु,

बिट्टू साई दे काज स्वारो स्वर्ण ने दी आज कलम स्वारो,

चरना ना ला लो आज नन्द नु नन्द नु,

तेरा डमरू नचोंदा सारे जग नु जग नु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।