मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा व्यवहार है तुम्हारा॥

ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।

मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥

मुरली बजा के मोहना...

मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।

कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥

मुरली बजा के मोहना...

यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।

तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥

मुरली बजा के मोहना...

दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।

पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥

मुरली बजा के मोहना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।