मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ठा ठा भूता ने बाला जी देखो ऐसे पटके,

मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके,

मेहंदीपुर में प्रगट हो गए शिव अवतारी आके,

काटन ने भक्ता के संकट बैठे आसान लगा के,

संकट कॉटन का तरीका इनका सबसे हटके,

मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके,

दुखी जनो के बाला जी सोये भाग जगा दे,

पल भर की होती न देरी बिगड़ी बात बनाते,

पकड़े भुता के सीने बाल झटके,

मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके,

अर्जी लगते ही बाला जी करते आन खिचाई,

मार मार सोटे भुता की करता खूब पिटाई,

सोटा थाके ने चले से जब राम रट के,

मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके,

अशोक भगत के बाला जी का रूप जिगर में वस् गया,

विजय के मन में बाबा की भगति का दीपक जस गया,

प्रिंस जैन का दर्शन पाने मन भटके,

मेहंदीपुर मंदिर में लावे मार डटके,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।