बाला जी के धाम पे एक बार जो भी आ गया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी के धाम पे एक बार जो भी आ गया,

सोचना जितना हो उतनी खुशियां दर से पा गया,

बाबा के दरबार जो भी सच्चे मन से आ गया,

बाबा के चरणों में अर्जी आके जो लग वा गया,

भक्तो के संकट बाला जी पल में ताल दे,

पाप हो जो मन में बाला जी तो उसको मार दे,

तेरे दर पे आके बाबा गुण जो तेरे गा गया,

बाला जी के धाम पे एक बार जो भी आ गया,

जादू हो या टोना बाला जी के आगे न चले.,

सारे सुख मिल जाते है बाला जी के चरणों तले,

बाला जी के संग यहाँ कोतवाल और प्रेत राज है,

अपने भक्तो के यहाँ करते पुराण काज है,

बाला जी के चरणों में आके जो शीश निभा गया.

सोचना जितना हो उतनी खुशियां दर से पा गया,

अर्जी बाला जी के चरणों में लगा के देख ले,

दिल से जय कारे तू बाला के लगा के देख ले,

भक्तो की दरखास्त बाला जी सुन ते है यहाँ,

सुख जो मिलता है यहाँ वैसा है सुख मिलता कहा,

बाला जी को आके भक्तो मन में जो भी वसा गया.

बाला जी के धाम पे एक बार जो भी आ गया

रोज मेले भक्तो ने बाबा के दर पे लगाए है,

सपने सच कर देते भक्तो ने जो मन में समजाये है,

बाला जी की महिमा तो सारी ही दुनिया गाये है,

होते है किस्मत वाले बाबा के जो दर्शन पाए है,

सच्चे मन से बाबा के दरबार जो भी आ गया,

बाला के दर से वो अपने सोये भाग जगा गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।