सूंदर नज़ारा शिरडी का प्यारा

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नजारा नजारा सुंदर नजारा शिर्डी का प्यारा,

हो गया मैं तो सिर को झुका के साईं राम साईं राम साईं राम,

मैं तेरा गुलाम हो गया,

दर्शन तेरा पाके साईं जीवन ये गुलजार हुआ,

झोली भर दे तू भगतो की साईं का अवतार हुआ,

खाली झोली सब की भरे ये साईं राम साईं राम,

मैं तेरा गुलाम हो गया,

नीम तले थी धुनी रमाई भगतो संतो की आस पुगाई,

जलवा तेरा जिसने भी देखा हो गया बाबा तेरा शुदाई,

संकट दुखड़े सब के हरे गे साईं राम साईं राम,

मैं तेरा गुलाम हो गया.....

द्वारका माई धुनी रमाई चन्दन सी खुशबु महकाई,

हिन्दू मुस्लिम शीश झुकाते सब ने प्रेम की ज्योत जगाई,

सब का मालिक एक कहे ये साईं राम साईं राम,

मैं तेरा गुलाम हो गया......

मार्ग तेरे जो भी आये जीवन खुशियों से भर जाए,

ग्यारा वचनों कौनो मारे रिधि सीधी उसे मिल जाए,

सब के सोये भाग जगाए,साईं राम साईं राम,

मैं तेरा गुलाम हो गया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।