ज़रा ये तो बता घाटे वाले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ज़रा ये तो बता घाटे वाले तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है,

नजरो में है तेरा नजारा तेरा रुतबा भी कुछ कम नहीं है,

ज़रा ये तो बता घाटे वाले तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है

आंख वालो ने तुमको है देखा,

कान वालो ने तुम को सुना है,

तेरा जलवा उसी ने है देखा जिनकी आँखों पे पर्दा नहीं है,

ज़रा ये तो बता घाटे वाले तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है

हम रहते है साँझ सवेरे तेरे हाथो चौरासी के फेरे,

मुझे एक सहारा है तेरा मेरा दूजा सहारा नहीं है,

ज़रा ये तो बता घाटे वाले तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है

तुझपे जो भी लुटाये अपनी हस्ती लोग कहते है उसको दीवाना,

हम को एक दर है तुम्हरा हम ज़माने से डरते नहीं है,

ज़रा ये तो बता घाटे वाले तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।