मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है,

जितना तेरे भाग्य में लिखा उतना ही पाता है,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है,

शिव लहरी के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

चाहे अमीर हो चाहे गरीब हो,

उनको एक समान,

सबकी बिगड़ी वो ही बनाये,

सबकी बिगड़ी वो ही बनाये,

वो सबके भगवान,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

धर्म किये जा धन की चिंता,

मत करना इंसान,

जैसा तेरा कर्म है भाई.

वैसा फल देगा भगवान,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

देख समझले मानव,

तू है दो दिन का मेहमान,

कितने आकर चले गए,

कितने जाने को तैयार,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

भगवे में भगवान छुपा है,

मानव तू पहचान,

नकली रंग से कपड़े रंगावे,

साधु नही शैतान,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

‘गिरी’ कहे तू गिरके सम्भल जा,

ये जग है नादान,

तेरा बनाया तुझको बनाये,

मानव नही हैवान,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

जितना तेरे भाग्य में लिखा उतना ही पाता है,

मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है,

शिव लहरी के दरबार में सबका खाता है॥ॐ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।