मैनु सच दिखा दे वे रबा

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

वे तू पतिया विच पहाड़ा विच इस दुनिया दियां बहारा विच,

मैं लभदा तनु हर वेले फिर क्यों नजर नहीं आउंदा,

मैनु सच दिखा दे वे रबा हूँ झूठ नहीं दिल नू भोंदा

उपरो ता सच्चे लगदे सब भोले बन बन थागडदे,

एथे कोई किसे दा नहीं सब अपना मतलब कड दे ने,

पूत मेरी कलया बह बह राता विच उठ उठ रोंदा,

मैनु सच दिखा दे वे रबा हूँ झूठ नहीं दिल नू भोदा,

भटके हां राह दिखा दे तू भा फड़ के पार लंगा दे तू,

कुझ होर तेरे तो मंगदा नहीं धर्म दा वैर मिटा दे तू,

तांडे वाला कुझ न चावे बस दीद तेरी नू चोहनदा,

मैनु सच दिखा दे वे रबा हूँ झूठ नहीं दिल न भोंदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।