सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे,

इन में ना जाने कही खो गया है मेरा दिल,

इनमे ना जाने कही खो गया है मेरा दिल,

इनमे ना जाने कही खो गया है मेरा दिल,

मोर मुकट माथे पर जैसे चमके चाँद सितारे,

जब से निहारा तेरा हो गया है मेरा दिल,

मुख पे चन्दन महक रहा है,

अधर पे मुरली सोहे,

रूप तुम्हारा ओ सांवरिया भक्तो का मन मोहे,

मोर छड़ी हाथो में तुमने सबके काज सवारे,

नजर ना लगे बाबा गाल पे लगा दो काला तिल,

सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे.....

किस बगिया से फूल मंगवाए सब के मन को भाये,

कजरो पर है इतर छिड़का मंदिर को महकाये,

चवर धुलाये सेवा प्यारे सूंदर लगे नजारे,

तेरा प्यार पा कर लगदा मिल गई मुझे मंजिल,

सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे...

माथे ऊपर छतर छाया कान में कुण्डल साजे,

श्याम नाम का डंका गूंजे घर घर श्याम विराजे,

नाम रटे अविनाश तुम्हारा जब तक चले ये सांसे,

सोनी जब शरण में आया मिल ही गया साहिल,

सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।