परमानंदी तल्लिन व्हावे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

परमानंदी तल्लिन व्हावे,

गजाननाचे नाम घ्यावे,

भाव फुले ही येतिल बहरुन,

मेघ भक्तिचे येतिल बरसुन,

आनंदाने फुलतिल कण कण,

सुगंध जगी या उधळित जावे ,

जीवन जैसे मृगजळाचे ,

सुख क्षणाचे, दु:ख दिसांचे,

परमभक्ति ही परम सुखाची,

परमात्याला नित्य स्मरावे,

Lyrics and Music: Shri. Arun Saraf

Singer: Smt. Chandana Deshpande

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।