खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ,

ये हाथ कभी ना छूटे ये साथ कभी न छूटे दिन हो या रात,

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ,

मेरे दोनों हाथ तेरे आगे क्या है कमी इनमे तू बतला दे,

क्या वो लकीर ही है क्या वो तकदीर नहीं है क्या हो नाराज,

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ

इन हाथो को तेरी है दरकार,

मेरे पीछे पूरा है परिवार,

नैया मझधार फसी है तेरे होठो पे हसि है खुश क्यों हो आज,

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ

जिसे दिया उसे खूब दिया दातार मुझसे क्या इन्साफ किया सरकार,

क्या उनके हाथ है जयदा या फिर औकात है ज्यादा,

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ

क्यों बाबा मुख मुझे मोड़ लिया,

या तकदीर बदलना छोड़ दिया,

कहता पवन न छूटे ये भोरसा न टूटे रखलेना बात,

खाटूवाले श्याम कसके पकड़ियो मेरा हाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।