शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा,

अब तो शरण में लेलो रो रो के दिल पुकारा,

दुनिया में कोई अपना देता नहीं दिखाई,

धीरज तुम्ही तो दोगे तुमसे लग्न लगाई,

तेरे बिन न होगा इक पल कोई भी गुजारा,

अब तो शरण में लेलो रो रो के दिल पुकारा,

शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा,

मेरी ज़िंदगी के मालिक मुझे आसरा है तेरा,

कोई रास्ता न सूझे कैसे मिटे अँधेरा,

मझधार पे पड़ा हु मेरा खो गया किनारा,

अब तो शरण में लेलो रो रो के दिल पुकारा,

शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा,

तेरे नाम के दीवाने बन कर ही अब रहे गे,

दुःख दर्द जो भी आये हस कर सब सहेगे,

तेरा साथ ना मिला तो कैसे जिए वेचारा,

अब तो शरण में लेलो रो रो के दिल पुकारा,

शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा,

तेरी दया न होती तो ये जनम न होता,

तेरे ही बल से राजू पापो के भोज धोता,

अब तो तुम्ही संभालो मैं हर तरफ से हारा,

अब तो शरण में लेलो रो रो के दिल पुकारा,

शिव भोले नाम तेरा जीने का है सहारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।