संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

ओ बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

एक मिनट मोहलत दे दू करूँ बेटा से बात,

डिबलया माहि गेहना धरया है,

डिबलया माहि गेहना धरया है,

राजी राजी थे लीजो बाँट,

बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

एक मिनट प्रभु म्हाने देओ तो,

करूँ बहुआ से बात,

म्हे तो म्हारो धर्म निभादी,

म्हे तो म्हारो धर्म निभादी,

बांध के राखजो परिवार,

बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

एक मिनट प्रभु म्हाने देओ तो,

करूँ बेटी से बात,

मायरेड़ी मन में रह गई,

मायरेड़ी मन में रह गई,

बीरो भरेगो थारो भात,

बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

एक मिनट प्रभु म्हाने देओ तो,

करूँ पोता से बात,

दादी जी तो सुरगा चाल्या,

दादी जी तो सुरगा चाल्या,

कुंण तो लड़ासी थारा लाड़,

बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

एक मिनट प्रभु म्हाने देओ तो,

करूँ पति से बात,

रोली मोली चुनड़ी मेहँदी,

मोत्या से भर दो मेरी मांग,

बुलावो आग्यो राम को,

संतो सुरगा सु आग्यो सन्देश,

बुलावो आग्यो राम को,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।