एक दिन अग्नि में जल जाए

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

एक दिन अग्नि में जल जाए गई आ चन्दरमा सी शान तेरी,

राम नाम के भजन बिना ना होगी नैया पार तेरी,

राम नाम है सकल सुमंगल श्याम सवेरे भजन करो,

भुधि के वस मन को कर के बुरे कर्म का तजन करो,

झूठ कपट से सदा डरो फिर हो जाये गी सुधकार तेरी,

राम नाम के भजन बिना ना होगी नैया पार तेरी,

लगन लगा लो राम प्रभु से फिर पश्ताओ गे,

भजन करे बिन फिर दोबारा ना मानव का तन पाओगई,

पहिचोगार देर लिखाओ गे जब चाले गी यम की आरी,

राम नाम के भजन बिना ना होगी नैया पार तेरी,

राम नाम जपा विविशन ने भव से पार लगाया था,

असुरो कि नगरी में छोड़ के शरण राम की आया था,

संतोष रत्न धन पाया था उन हो ने माला रघु वर की फेरी,

राम नाम के भजन बिना ना होगी नैया पार तेरी,

अनमोला तन पा मानव का मोह के वस क्यों खोवे तू,

गुरु दर्शन की मान विजय नाते पड़े नर्क में रोवे तू,

क्यों पड़ा भूल में सोवे तू श्री राम नाम की ला तेरी,

राम नाम के भजन बिना ना होगी नैया पार तेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।