मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर वृद्धावन में जो देखा मजा आ गया,

श्याम के संग में राधा भी मौजूद थी दोनो का मुश्कुराना गजब गहा गया,

मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर .....

फूलो में सज रहा था मेरा संवारा,

जिस ने देखा मोहन को हुआ वनवरा,

शर्मा ने लगी चाँद की चांदनी,

वृद्धावन में मेरा संवारा शाह गया ,

मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर वृद्धावन में जो देखा मजा आ गया,

आरती में खड़ा था मैं होक मगन,

मन मोहन में लागि थी मेरी लगन,

नजरो से नजर जब मिली श्याम से,

मेरी नजरो को वो संवारा भा गया,

मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर वृद्धावन में जो देखा मजा आ गया,

हर गली में था चर्चा मेरे शाम का,

ले रहे थे मजा नाम के जाम का,

ऐसी मस्ती चढ़ी श्याम के नाम की,

मीतू ने पिके देखा मजा आ गया,

मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर वृद्धावन में जो देखा मजा आ गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।