बाबा खावो सवामणी को रोट

पारंपरिक
श्री राम आरती दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बाबा घणो खा लिया चूरमा बाँधी लाडू आली रिपोर्ट,

थारा भक्त ले आया बाबा खावो सवामणी को रोट,

माहरे जागरण में बाला जी रोट बनाया थारो,

मेरि मावादी ऑटो गुंडियो घी गेर गया सारो,

पिस्ता और बिदाम में आप गेहरियो अखरोट,

थारा भक्त ले आया बाबा खावो सवामणी को रोट,

अखन दिन में करा आरती याद करा मैं थाने,

श्री राम का भक्त सिरोमनि दहियो दर्शन म्हणे,

थारी दया सु माहरे खेत में गबार बारजी मोठ,

थारा भक्त ले आया बाबा खावो सवामणी को रोट,

सिरसा के माँ शाहपुर ढेगु सूंदर भवन छबीलो,

आप कलम से लिख के गावे राजू भगत रंगीलो.

भकत भुलावे औ बाबा बात करू नोट,

थारा भक्त ले आया बाबा खावो सवामणी को रोट,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।