बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती चढ़ गई बाला जी म्हणे देख तेरा दरबार,

बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार,

नाम तेरी दी चढ़ी खुमारी,

आज नाचन की मेरी बारी,

तीन लोक में नाम तुम्हारा तू सच्ची सरकार,

बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार,

मस्त मलंग आज तेरे दर आया,

बाला जी का रंग चढ़ आया,

हाथ तू मेरे सिर पे धृर दे,

दे दर्शन दीदार,

बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार,

नहीं हटूगा आज हटाया बाला जी तेरा रंग चढ़ आया,

तेरे नाम की ज्योत जगाई करदे मौज बहार,

बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार,

गा गा के तेरी रत्जा माला,

बांस केसरी काट दे जाला,

निग दुआरे पौंचीगा तू बन जा पालनहार,

बाला जी म्हणे नाचन दे मन भा गया दरबार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।