कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

गुणवान नहीं धनवान नही,

गुणवान नहीं धनवान नही,

कोई बड़ा जगत में मान नही,

काई बड़ा जगत में मान नही,

फिर कैसे तुम्हे मैं मनाऊ रसिया,

फिर कैसे तुम्हे मैं मनाऊ रसिया,

कहॉ कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहॉ कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कोई जपतब संयम नियम नही,

काई जपतब संयम नियम नही,

मेरा गोपियों जैसा प्रेम नही,

मेरा गोपियों जैसा प्रेम नही,

फिर कैसे तुम्हे आपनाऊ रसिया,

पहिर कैसे तुम्हे आपनाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कय गन का भरा भंडार नाहि,

काई गन का भरा भंडार नाहि,

मेरा मीरा जैसा प्रेम नही,

मेरा मीरा जैसा प्रेम नहीं ,

फिर कैसे तुझे मैं रिझाऊ रसिया,

फिर कैसे तुझे मैं रिझाऊ रसिया,

कोई गुण का भरा भंडार नही,

कोई गुण का भरा भंडार नही,

मेरा मीरा जैसा प्रेम नही,

मेरा मीरा जैसा प्रेम नहीं ,

फिर कैसे तुझे मैं रिझाऊ रसिया,

फिर कैसे तुझे मैं रिझाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

मेरे भिलनी जैसे बेर नही,

मेरे भिलनी जैसे बेर नही,

तेरे आने में तो देर नही,

तेरे आने में तो देर नही,

फिर कैसे मैं भोग लगाओ रसिया,

फिर कैसे मैं भोग लगाओ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

कहो कैसे तुम्हारी बन जाऊ रसिया,

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद,

ही गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।