साई साई मैं जपु सुबहो शाम

पारंपरिक
माँ गंगा भजन साईं भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

साई साई मैं जपु सुबहो शाम,साई लागे सबसे महान,

साई राज दुलारा साई सबका प्यारा,

मन मोरा लागे शरण में तेरा,

साई की नैनं है सूरज और चंदा,

साई की चरण में पावन गंगा,

हाथ पे लिखदे भाग्ये विधाता कही और न जाऊ मैं शरण छोड़ तेरा,

साई राज दुलारा साई सबका प्यारा,

मन मोरा लागे शरण में तेरा,

साई थाम जाऊ मैं छोड़ मेरी नगरी,

कही खो न जाऊ नजर रखना हमारी,

ये जग छूटा बंधन टुटा शिरडी में बस जाऊ मैं जग छोड़ सारा,

साई राज दुलारा साई सबका प्यारा,

मन मोरा लागे शरण में तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।