सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,

सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

सच्चा नाम है जय जय शिव बोल,

ब्रह्मा बोले जय शिव शंकर,

विष्णु भी बोले जय शिव शंकर,

सरस्वती बोले जय शिव शंकर लक्ष्मी भी बोले जय शिव शंकर,

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,

सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

गोरा बोले जय शिव शंकर गणपत बोले जय शिव शंकर,

कार्तिक बोले जय शिव शंकर,

देव सभी बोले जय शिव शंकर,

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,

सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

नंदी बोले जय शिव शंकर,

ऋंगी भी बोले जय शिव शंकर

शिवकर बोले जय शिवशंकर,

सब जन बोले जय शिव शंकर

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,

सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

चन्दन गावे जय शिव शंकर,

तिलक लगावे जय शिव शंकर,

महिमा सुनावे जय शिव शंकर,

हर पल ध्यावे जय शिव शंकर,

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,

सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।