लल्ला की सुन के मैं आयी यशोदा मैया देदे बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लल्ला की सुन के मैं आयी यशोदा मैया देदे बधाई

देदे बधाई मैया देदे बधाई

लल्ला जन्म सुन के मैं आयी यशोदा मैया देदे बधाई

चोली भी देदे मैया चुनरी भी देदे,

लहंगे की देदे सिलाई

यशोदा मैया देदे बधाई,

हार भी देदे मैया कंगना भी दे दे,

नथनी की देदे गड़ाई,

यशोदा मैया देदे बधाई.....

हीरे भी देदे मैया मोती भी देदे,

बंसरी की दे दे पुवाई,

यशोदा मैया देदे बधाई

युग युग जीवे तेरा बांके बिहारी,

भक्तो की हो वे मनचाही,

यशोदा मैया दे दे वधाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।