यमुना तट आया करो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यमुना तट आया करो,

यमुना ते आकर के फिर दरश दिखाया करो,

यमुना विच पानी है,

तेरे संग साडी प्रीत संवारे एह ता सदियों पुराणी है,

सूरत तेरी प्यारी है,

श्यामा साड़ी जान कड़ लइ तेरे नैना दी कटारी ने,

तेरा प्यार अनोखा है,

तेरे बिन ओ सांवरियां इथे दुनिया च धोखा है,

यमुना तट आया करो,

यमुना ते आकर के फिर दरश दिखाया करो,

तुसी नीमा नीमा हसदे हो,

कसम करा ले मोहना सड़े दिल विच वसदे हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।