हम आरती करने आए हैं

पारंपरिक
श्री गणेश आरती विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ज़रा बँसी बजा दो मनमोहन,

हम आरती करने आए हैं ll

मेरे हाथ में अगर कपूर बाती ,

हम ज्योत जगाने आए हैं l

ज़रा दरस दिखा दो गजानना,

हम आरती करने आए हैं l

मेरे हाथ में पान फूल मेवा है,

हम भोग लगाने आए हैं l

ज़रा बँसी बजा दो मनमोहन,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा डमरू बजा दो शिव शँकर,

हम आरती करने आए हैं ll

मेरे हाथ में जल का लोटा है,

हम तुम्हे चढ़ाने आए हैं l

ज़रा शँख बजा दो नारायण,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा शँख बजा दो नारायण,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा वीणा बजा दो शारदे माँ,

हम आरती करने आए हैं l

मेरे हाथ में श्वेत कमल दल है,

हम तुम्हे चढ़ाने आए हैं l

ज़रा बँसी बजा दो मनमोहन,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा दरस दिखा दो जगदम्बा,

हम आरती करने आए हैं ll

मेरे हाथ में लाल चुनरिया है,

हम तुम्हे चढ़ाने आए हैं l

ज़रा शँख बजा दो नारायण,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा चुटकी बजा दो हनुमन्त लल्ला,

हम आरती करने आए हैं l

मेरे हाथ में सिन्दूर रौली है,

हम तुम्हे चढ़ाने आए हैं l

ज़रा बँसी बजा दो मनमोहन,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा डमरू बजा दो शिव शँकर,

हम आरती करने आए हैं l

ज़रा दरस दिखा दो जगदम्बा,

हम आरती करने आए हैं l

हम आरती करने आए हैं ll

अपलोड करता- अनिल रामूर्ति भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।