अठारह डब्बे लग गए श्री खाटू वाली रेल में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लो भगतो अब आ गया मौका,

मौका है ये बड़ा अनोखा,

घडी सुहानी आई जी,

अब चल सांवरे सेठ के,

अठारह डब्बे लग गए श्री खाटू वाली रेल में

गूंज रहा है जय जय कारा,श्याम दीवाना है जग सारा,

आके सेवक शामिल होजा रेलम बेल में,

अठारह डब्बे लग गए श्री खाटू वाली रेल में

सारे जग में धूम मची है खाटू नगरी खूब सजी है,

गलियों में कोई नाच रहा है,

कोई चढ़ा मंढेर पे,

अठारह डब्बे लग गए श्री खाटू वाली रेल में

अरे रंग रंगीला मेला आया श्याम धनि का मेला आया,

हरष दीवानो खाटू चालो बैठ श्याम की रेल में,

अठारह डब्बे लग गए श्री खाटू वाली रेल में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।