मेरे संकट काटो बाबा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे संकट काटो बाबा,

मेरे दिल में दांतो बाबा,

आई तेरे मैं दवार लेके संकट का भार,

मेरे संकट काटो बाबा,

मेरे दिल में दांतो बाबा,

करके आशा तेरी आई दर पे तेरे बाला जी,

मुझपे करदो दया हर्लो संकट मेरा बाला जी,

मैं ते हुई सुलचार रोउ बाबा रोउ टकर मार,

मेरे दुःख ने काटो बाबा,

आई तेरे मैं दवार लेके संकट का भार,

मेरे संकट काटो बाबा..........

करता संकट ये तंग निकले गा मेरा दम मैं मरू,

चैन लुटा मेरा धीर टुटा मेरा क्या करू,

करू तुझसे पुकार हे रुदर अवतार यह संकट काटो बाबा,

आई तेरे मैं दवार लेके संकट का भार,

मेरे संकट काटो बाबा.....

नीर आँखों में है एहसासो में है रो रही,

अर्ज सुन लो मेरी कहे देरी करि कह रही,

छाई घटा घनघोर दुखो की चहु और बदल गम के छांटो बाबा,

आई तेरे मैं दवार लेके संकट का भार,

मेरे संकट काटो बाबा.........

गीता चरनन पड़ी बिक्शा देदो मुझे हां मुझे,

विजय भगत का है वास्ता है तुझे हां तुझे,

बाबा करदो उपकार संकट काया से उतार,

ना मुझको नाटो बाबा,

आई तेरे मैं दवार लेके संकट का भार,

मेरे संकट काटो बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।