बाला जी का सूंदर नजारा ये तो तीर्थो में तीर्थ न्यारा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी का सूंदर नजारा ये तो तीर्थो में तीर्थ न्यारा,

दरबार बाबा का है निराला यहाँ किस्मत का खुलता है ताला,

माँ अंजनी का पुत्र ये प्यारा ये तो तीर्थो में तीर्थ है न्यारा,

इनके चरणों में सिर जो झुकाते हर संकट से मुक्ति वो पाते,

श्री राम जी का है दुलारा ये तो तीर्थो में तीर्थ है न्यारा

जो भी बाला जी का गुणगान गावे,

बल भुधि विद्या पावे इनके मंदिर में गूंजा जैकारा,

ये तो तीर्थो में तीर्थ है न्यारा

भक्त बाला जी के दर्शन को आते,

सिया राम की किरपा भी वो पाते,

हर किसी को है मिलता सहारा,

ये तो तीर्थो में तीर्थ है न्यारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।