हनुमान जी करेंगे भव पार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान जी करेंगे भव पार तू दुखी मन काहे को करे,

काहे को करे काहे को डारे,

हनुमान जी करेंगे भव पार तू दुखी मन काहे को करे,

नैया तेरी प्रभु के हवाले उसके सिवा न कोई और समबाले,

अपने भगतो की समबाले पतवार दुखी मन काहे को करे,

काहे को करे काहे को डारे,

जीत हार भी उसके हाथ में वो ही है हर इक के साथ में,

वो है हर एक के साथ में शीश झुका के पा ले तू उनका प्यार,

काहे को करे काहे को डारे,

भव सागर तू तर जाएगा तुझको किनारा मिल जाएगा,

अर्जी लगा के तो देख एक बार,तू दुखी मन काहे को करे,

काहे को करे काहे को डारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।