अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन,

देख प्राणी बीती जाए तेरी ज़िंदगानी,

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

किसको कहता है पगले तू अपना,

ये तो संसार झूठा है सपना,

नहीं कोई सजा आखिर देगा दगा,

बेहता पानी बीती जाए तेरी ज़िंदगानी,

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

ये तो संसार की ममता माया इसी चाकर ने तुझको फसाया,

ये तो झूठा यहाँ कोई है न यहाँ दुःख दानी,

बीती जाए तेरी ज़िंदगानी,

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

बड़ी मुश्किल से नर जन्म पाया,

और पा कर के यु ही गवाया,

कुछ न कर पाए गा काफिर पश्ताये गा सुन अज्ञानी,

बीती जाए तेरी ज़िंदगानी,

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

प्रभु भक्ति में जीवन बिता ले,

याह आ कर के धर्म कमा ले,

प्रेम शांति मिले जीवन ज्योत जगे भव ज्ञानी,

बीती जाए तेरी ज़िंदगानी,

अब लगा ले लगन कर प्रभु का भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।