साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है

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॥ पावन पाठ ॥

साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है,

तेरा समाधि मंदिर सारी दुनिया से न्यारा है,

साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है,

सदियों पहले शिरडी में साई ने वास किया,

अपनी तपस्या से जग में प्रकाश किया,

साई ने तप करके शिरडी को निखारा है,

अद्भुत समाधि मंदिर सब पापो को दूर करे,

जिसने भी दर्श किया पुण्यो से झोली भरे,

अनुपम छठा इसकी स्वर्ग सा नजारा है,

साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है

चरणों को पूज रहे सब भक्त दीवाने,

मंत्रो का शोक भहे यहाँ शीतल हवाओ में,

उधि तेरी चन्दन सी यही गौरव हमारा है,

साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है

साई प्रभु को यहाँ सच्चदानन्द कहते है,

शिरडी के कण कण में मेरे साई तो वस्ते है,

चलो भगतो जल्दी चलो तुम्हे साई ने पुकारा है,

साई तेरी शिरडी का बड़ा सूंदर नजारा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।